

लैलूंगा में बवाल समाज के आराध्य देव महाराजा अग्रसेन व राष्ट्रपुरुषों के अपमान पर अग्रवाल समाज ने, अध्यक्ष मनीष अग्रवाल के नेतृत्व में थाने में दी एफआईआर आवेदन
लैलूंगा / लैलूंगा में उस वक्त माहौल गर्मा गया जब अग्रवाल सभा लैलूंगा ने अध्यक्ष मनीष अग्रवाल के नेतृत्व में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल के खिलाफ थाने में लिखित आवेदन देकर कठोर कार्यवाही की मांग की। बताया गया कि अमित बघेल ने एक मीडिया बयान में महाराजा अग्रसेन , डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय सहित सिंधी समाज व उनके आराध्य देवता के प्रति अत्यंत आपत्तिजनक, अमर्यादित और भड़काऊ टिप्पणी की है।
मनीष अग्रवाल ने अपने आवेदन में लिखा है कि अमित बघेल का यह बयान न केवल अग्रवाल समाज बल्कि करोड़ों भारतीयों की धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को गहराई से आहत करता है। उन्होंने कहा कि “महाराजा अग्रसेन जी, जो भगवान श्रीराम के वंशज और समाज के आदिपुरुष हैं, उनके प्रति ऐसे अपमानजनक शब्द कहना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमित बघेल के वक्तव्य से समाज में वैमनस्य, तनाव और अशांति फैलाने की साजिश झलकती है। मनीष अग्रवाल ने थाना प्रभारी से मांग की है कि भारतीय दंड संहिता की कठोर धाराओं के तहत तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर गिरफ्तारी की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति राष्ट्रपुरुषों या पूजनीय महापुरुषों के विरुद्ध इस तरह की घृणित भाषा का प्रयोग करने का दुस्साहस न कर सके।
अग्रवाल सभा के सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि त्वरित कार्यवाही नहीं की गई, तो समाज आंदोलन की राह अपनाने को बाध्य होगा। कहा गया है कि इस मामले में प्रशासन की निष्क्रियता जनआक्रोश को जन्म दे सकती है और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का खतरा रहेगा।
आवेदन के साथ मनीष अग्रवाल ने अमित बघेल की विवादित टिप्पणी का वीडियो साक्ष्य भी थाने में प्रस्तुत किया है। इस प्रकरण ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है और सोशल मीडिया पर भी इसकी जमकर चर्चा हो रही है। अब देखना यह है कि लैलूंगा पुलिस इस गंभीर प्रकरण पर क्या कदम उठाती है — त्वरित कार्यवाही या फिर जनता के सब्र का इम्तहान!
